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ढुकाव - वरमाला

वारात जब कन्या पक्ष के यहाँ पहुँच जाती है उसे ढुकाव कहते हैं. बारात पहुँचने के पश्चात दरवाजे पर नीम-झारी, तोरण खोलना, वर को तिलक -काजल लगाना, तनी खोलना, कमरबन्ध के नारियल की बदली तथा वर को दही-गुड़ आदि खिलाया जाता है. आप अपनी परम्परा के अनुसार यहाँ कार्यक्रम कर सकते हैं. तत्पश्चात स्टेज पर वर-माला की रस्म की जाती है. वरमाला के बाद सभी बड़े वर-कन्या को आशिर्वाद देतें हैं तथा तस्वीरें खिंचवाते हैं.

व्यवस्था :

वरमाला स्टेज
वरमाला -2
खुला फूल- न्यौछावर के लिए
नीम की डाली
आरती की थाली
नारियल-सजा हुआ
करी-पानी पिलाने के लिए
चावल का लड्डू

नोट :

ढुकाव के पहले दुल्हन को तैयार कर लें. वरमाला के पश्चात् दुल्हा - दुल्हन को फेरे प्रारम्भ होने तक बारातियों के मध्य बैठाने की व्यवस्था भी कर लेनी चाहिये.

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